मध्यप्रदेश में जूनियर डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
#Junior doctors on indefinite strike in Madhya Pradesh
Highlights :- कई राज्यों के मेडिकल कॉलेज के जूडा ने दिया आंदोलन को सपोर्ट
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन भोपाल के अध्यक्ष डॉ. संकेत सीते ने बताया कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई है।
भोपाल में 5 दिन से हड़ताल
रविवार को गांधी मेडिकल कॉलेज में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की जूनियर डॉक्टर डॉ. बाला सरस्वती ने सुसाइड कर लिया था। 5 दिन से त्ररूष्ट में साथी जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। भोपाल त्ररूष्ट में डॉ. बाला सरस्वती के मां-पापा और बड़ी बहन भी हड़ताल में शामिल हुए हैं। डॉ. बाला सरस्वती की मां सुजाता राव ने काह, हम सिर्फ न्याय चाहते हैं। डॉ. अरुणा कुमार को यहां से हटाया जाए, ताकि किसी दूसरी बच्ची के साथ ऐसा न हो। नंदिनी, पल्लवी, अपूर्वा, रेखा ने भी बेटी को टॉर्चर किया। शाहजहांनाबाद पुलिस स्टेशन में कंप्लेन की है। बड़ी बहन लक्ष्मी ने कहा, हफ्ते में तीन बार 36 घंटे ड्यूटी कराते थे। बहन को इसमें काई मुश्किल नहीं थी। खुशी से काम करती थी। लेकिन, उसे इसके बाद भी बोला जाता था कि डॉक्टर बनने के लायक नहीं हो। प्रेग्नेंट इसलिए हो गई, क्योंकि कामचोर बनना है। पिता वेंकटेश्वर राव ने कहा, यह सिर्फ हमारी नहीं, सारी बेटियों का सवाल है।इंदौर के जूडा भी हड़ताल पर
इंदौर में जूनियर डॉक्टर्स ने हड़ताल का समर्थन किया है। उनकी अनुपस्थिति में सीनियर कंसल्टेंट अस्पतालों में व्यवस्था संभाल रहे हैं। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. नयन जैन ने बताया कि शनिवार से सभी जूनियर डॉक्टर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इस दौरान उन्होंने ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, इमरजेंसी सहित किसी भी विभाग में सेवाएं नहीं दी। एमवाय अस्पताल के गेट पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया।ग्वालियर-जबलपुर में भी हड़ताल
ग्वालियर और जबलपुर में भी जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। हालांकि, इमरजेंसी सेवा जारी है। जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में कार्यरत तकरीबन 350 डॉक्टर हड़ताल पर हैं। जूनियर डॉक्टर का कहना है कि सिर्फ इमरजेंसी इलाज किया जा रहा है।#ekaawaz, #jabalpur, #madhyapradesh, #doctorstrike, #latestnews, #todeynews,
