
दरअसल, पंजाब के कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी के लवप्रीत सिंह को पुलिस की गाड़ी को साइड नहीं दी। 22 जून 2024 का यह मामला है। लवप्रीत अपने खेत से कार में घर लौट रहा था और एक जगह तंग रास्ता था और पुलिस की गाड़ी पीछे थी। पुलिस वालों ने हॉर्न मारे और लेकिन कुछ मिनट देर से लवप्रीत ने रास्ता दे दिया। इस दौरान पुलिस पार्टी ने लवप्रीत की कार रोक ली और उसे थाने ले गए। दो दिन तक घरवालों को पता नहीं लगा कि वह कहां है। इसी बीच लवप्रीत पर नशे के 500 से ज्यादा कैप्सूल रखने के तहत एनडीपीएस का पर्चा दर्ज कर दिया गया। निचली अदालत से जमानत खारिज होने के बाद लवप्रीत के परिवार ने हाईकोर्ट का रुख किया, जहां लवप्रीत के वकील ने कोर्ट को बताया कि ये मामला सिर्फ ईगो का है और लवप्रीत को झूठा फंसाया गया है। जब कोर्ट में एफएसएल की रिपोर्ट पेश की गई तो बताया गया कि नशीले कैप्सूल नहीं, बल्कि पैरासीटामोल का सॉल्ट था। बचाव पक्ष के वकील के मुताबिक ये नशीले कैप्सूल की कहानी पुलिस ने खुद रची थी, जो की बेनकाब हो गई।