
जबलपुर। 30 वर्षों से लंबित अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर 15 मार्च से अनिश्चित कॉलीन सामूहिक अवकाश पर चल रहे महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी सुपरवाइजर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं ने आज सामूहिक रैली निकालकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संयुक्त मोर्चा आईसीडीएस परियोजना अधिकारी संघ, पर्यवेक्षक संघ एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/ सहायिका संघ के बैनर तले वंदे मातरम् चौक सिविक सेंटर से प्रारंभ रैली मालवीय चौक, तीन पत्ती चौक, नौदराब्रिज, तैय्यब अली चौक, घंटाघर होते हुए कलेक्ट्रे पहुंची जहां कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा गय साथ ही मानव श्रृंखला का निमार्ण किया गया।
ज्ञापन में उल्लेखित किया गया है कि उनसे सबसे ज्यादा मैदानी कार्य कराया जा रहा जबकि वेतन सबसे कम है। देश के अन्य प्रदेशों में इस वर्ग के अधिकारी, कर्मचारियों उनसे ज्यादा वेतन दिया जा रहा है। मप्र में सबसे कम वेतन पर कार्य कर रहे हैं। सामू अवकाश पर चल रहे संघ के पदाधिकारी डा. कांता देशमुख, गौरीशंकर लौवंशी, माधव यादव, वीकेश राय, प्रशांत पुराविया, रीतेश दुबे, मंजू दुबे, गरिमा खरे, आरती पाण्डे, कल पटैल, निधि तिवारी, रत्नावली शर्मा, प्रमिला खातरकर, रेनु पाण्डे, स्वाती खरें, रूचि जग्गी, प लोधी, मीता चौधरी,सुनीता शर्मा, अनीता शुक्ला एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/ सहायिका संघ पदाधिकारी विद्या खंगार, कीर्ति मिश्रा, दीपा भरद्वाज, राजश्री रजक आदि ने बताया कि ह 30 वर्षों से मांग लंबित है। लगातार सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया, उनकी मांग हमेशा अनसुनी कर दी गई। अंततः मजबूर होकर अब 'जब तक मांग पूरी तब तक कार्य नहीं' के तहत प्रदेश भर के परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, आंगव कार्यकर्ता और सहायिका 15 मार्च से सामूहिक अवकाश पर चल रहे हैं । इस आंगनवाड़ी केंद्रों में ताले लटक रहे हैं।
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