नागपंचमी पर सपेरा के साथ दिखे साँप तो करे इन नंबरों पर शिकायत - News Vision

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नागपंचमी पर सपेरा के साथ दिखे साँप तो करे इन नंबरों पर शिकायत

नागपंचमी पर सपेरा के साथ दिखे साँप तो करे इन नंबरों पर शिकायत

#If you see a snake with a snake charmer on Nagpanchami, then complain on these numbers

HighLights :

  • नागपंचमी के एक-दो माह पूर्व जंगलों से सांपों को पकड़ कर बांस की पिटारी में कैद कर लेते हैं।
  • सपेरों को पकड़कर नियमानुसार कार्रवाई करेगी। इसके लिए वन विभाग की टीम मुस्तैद हो गई है।
  • वन्य प्राणी रेस्क्यु दल नजर रखेंगे, सर्पमित्रों से आग्रह- नंबर पर संपर्क कर सपेरों को बहला-फुसलाकर रोकें।

नागपंचमी पर क्रूरता पूर्वक सांप को पिटारी में बंद कर घूमने वाले सपेरों की खैर नहीं। वन विभाग सोमवार को नागपंचमी के दिन ऐसे सपेरों पर नजर रखेगा और यदि कहीं सपेरे सांप लेकर घूमते दिखे या दर्शन कराते दिखे तो वन विभाग की टीम सपेरों को पकड़कर नियमानुसार कार्रवाई करेगी। इसके लिए वन विभाग की टीम मुस्तैद हो गई है।

पिटारी में बंद कर उन्हें भूखा रखा जाता है, यातना दी जाती है

वनपाल गुलाब सिंह परिहार ने बताया कि हिंदू धर्म में मान्यता है कि नागपंचमी पर्व पर नाग के दर्शन करने एवं पूजा करने से पुण्य प्राप्त होता है इसी मान्यता के चलते सपेरों द्वारा नागपंचमी पर्व के एक-दो माह पूर्व जंगलों से सांपों को पकड़ कर बांस की बनी पिटारी में कैद कर रख लिया जाता है और उन्हें भूखा रखा जाता है, यातना दी जाती है। लिहाजा सभी वन्य प्राणी रेस्क्यु दल को सपेरों पर नजर रखने कहा गया है।

नंबर पर संपर्क कर सपेरों को बहला-फुसलाकर रोककर रखें

सर्पमित्रों से आग्रह किया गया है कि नागपंचमी पर्व पर सपेरे सांपों को लेकर प्रदर्शन करते हुए दिखाई देते हैं तों तत्काल वन्य प्राणी हेल्पलाइन नंबर स्नेक हेल्पलाइन नंबर 9424792700 या सर्प मित्रों के दिये गये नंबर पर संपर्क कर सपेरों को बहला-फुसलाकर रोककर रखें। ताकि विभागीय टीम तत्काल संपर्क कर सांपों के साथ हो अत्याचार को रोक लगा सके। सर्पों को सुरक्षित पकड़ कर उपचार के लिए वेटरनरी कालेज भिजवाया जा सके।

तांत से सील देते हैं सांप का मुंह, फेबीकिक से चिपका देते हैं

वनपाल गुलाब सिंह ने बताया कि जंगल से सांप खासतौर से नागों काे पकड़कर सपेरें उनके दांत तोड़ देते हैं। ज़हर की थैली को अलग कर दिया जाता है, मुंह तांत के धागे से सिल दिया जाता है या फेबीकिक से चिपका दिया जाता है। सांस लेने और जीभ निकाल के लिए थोड़ी जगह छोड़ दी जाती है। सांप फिर शिकार नहीं कर पाते बास की पिटारी में रखे होने पर इनकी चमड़ी छिल जाने पर चींटियां लग जातीं हैं और वे तड़प कर मर जाते हैं।

इन नंबरों पर करें संपर्क

वन्य प्राणी हेल्पलाइन नंबर - 9424792700

- सर्प मित्रों के नंबर-

- 9926339202

- 8319918367

- 9171940528

- 7999981896

- 9826346178

- 8827099379